Even so, Google Baba knows, Rahul Baba!

इतना तो गूगल बाबा भी जानते हैं, राहुल बाबा !

राकेश दुबे। राहुल बाबा को कांग्रेस अपना सर्वेसर्वा बनाने जा रही है | इस बात की आशंका कांग्रेस के दार्शनिक नुमा नेता प्रो० मणि शंकर अय्यर ने व्यक्त की और उस आशंका का सुबूत गुजरात में मिल गया | जो बात गूगल बाबा भी जानते हैं, उसे राहुल बाबा नहीं जानते | अफ़सोस होता है की कांग्रेस के थिंक टैंक कहे जाने वाले नेता अपने वर्तमान उपाध्यक्ष और भावी  अध्यक्ष को यह नहीं बता पा रहे हैं कि “कामिक्स की दुनिया से निकल कर वर्चुअल देश को समझें|”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में तो कांग्रेस में सबको सब पता है, पर राष्ट्रीय सेविका समिति के बारे में तो गूगल बाबा  भी जानते हैं |  गूगल बाबा की जानकारी लगभग सही होती है | गूगल बाबा पहले सन्दर्भ खोजते हैं, फिर ज्ञान बांटते है | राहुल बाबा का सन्दर्भ और अध्ययन में हाथ तंग है |

गूगल बाबा के अनुसार भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का  अनुगामी महिला सन्गठन राष्ट्रीय महिला समिति है | जिसका मुख्यालय नागपुर में है | गूगल बाबा द्वरा जुटाए गये सन्दर्भ के अनुसार राष्ट्रीय सेविका समिति में सेविकाओं की संख्या एक करोड़ तक हो सकती है | गूगल बाबा अपनी इस जानकारी स्रोत सुश्री तनिका सरकार द्वारा लिखित १९९५ में प्रकाशित पुस्तक “वीर हिन्दू माता, परिवार और सन्गठन” मानते हैं |  गूगल बाबा यह भी जानते हैं कि राष्ट्रीय सेविका समिति की वर्तमान प्रमुख संघ चालिका व्ही. शांता कुमारी उपाख्य शांतक्का हैं और सीता आनन्दम समिति की प्रमुख कार्य वाहिका हैं | गूगल बाबा के अनुसार समिति की ५२१५ शाखाएं है, जिनमें से ८७५ नियमित शाखाएं है | अन्य साप्ताहिक, मासिक हैं | विदेश में भी इस सन्गठन की शाखाएं सक्रिय हैं | १० विदेशों में इन्हें हिन्दू सेविका समिति के नाम से जाना जाता है | भारत में ४७५ सेवा प्रकल्प भी सेविका समिति द्वारा संचालित होते हैं |

गूगल बाबा राष्ट्रीय सेविका समिति के इतिहास को भी जानते हैं |  उन्हें मालूम है कि २५ अक्तूबर १९३६ को राष्ट्रीय सेविका समिति की स्थापना हुई थी | इस नारी शक्ति सन्गठन के तीन उद्देश्य “ मातृत्व, कृतत्व और नेतृत्व” है | इसकी प्रथम संघ चालिका लक्ष्मीबाई केलकर उपाख्य मौसी जी थी | मौसी जी ने १९३६ से १९७८  लगातार ४२ वर्ष सन्गठन का नेतृत्व किया |१९७८ से १९७४ तक सरस्वती ताई आप्टे प्रमुख संघ चालिका रहीं | १९९४ से २००६  तक उषा ताई चाटी ने समिति का नेतृत्व किया | प्रमिला ताई मेढ़े ने २००६ से २०१२ तक समिति की प्रमुख संघ चालिका का दायित्व निर्वहन किया | २०१२ से आज तक समिति का नेतृत्व वी. शांता कुमारी उपाख्य शान्तक्का कर रही हैं |

गूगल बाबा इतिहास की बराबर जानकारी रखते हैं | मैं इसके शत प्रतिशत सही होने का दावा नही कर सकता | सुधार के लिए विकिपीडिया अवसर देता है और जानकारी भी | कामिक्स तो फंतासी की दुनिया में ले जाते हैं | देश का नेतृत्व करने के लिए कृतत्व की जरूरत है और उसके लिए मातृत्व के संस्कार बहुत जरूरी है | बेचारे राहुल बाबा की कोई गलती नहीं, उन्हें समझाने वाले कांग्रेस में कम दिखते हैं | जो दिखते हैं वे समझाना नहीं चाहते, क्योकि उनकी नजर कहीं है, निशाना कहीं है और कंधा राहुल बाबा का है |