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भोपाल नगर निगम जनसंपर्क शाखा का नया भ्रष्टाचार आया सामने

शिवराज सरकार में सरकारी विभागों द्वारा भ्रष्टाचार के नित नये कीर्तिमान बनाये जा रहे है एक नया  भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।  यह सामने लाने का श्रेय आरटीआई कार्यकर्ता अजय पाटीदार को जाता है जिनकी सजगता से रोज भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे है। लेकिन प्रशासन खामोश है।

भोपाल नगर निगम में परिवहन घोटाले के बाद नगर निगम के वाचनालयों में अखबारों व पत्र, पत्रिकाओं की खरीदी में फर्जीवाड़े सामने आया है। हालत यह है कि जनसंपर्क शाखा के अफसरों ने भाजपा कार्यालय के सामने सुभल काम्प्लेक्स को ही वाचनालय बताकर दो लाख रुपए का बिल लगा दिया। अफसरों ने बीते पांच सालों में 68 वाचनालयों के नाम पर 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 317 रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। जबकि ज्यादातर स्थानों पर ताला लटके हुए हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अजय पाटीदार को आरटीआई के तहत मिले दस्तावेजों से यह घोटाला उजागर हुआ है। नवदुनिया ने जब निगम द्वारा बताए गए स्थानों में वाचनालय केंद्रों की पड़ताल की तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। असल में दर्जनभर केंद्र भी अस्तित्व में नहीं हैं। निगम की फाइल में दर्ज कुछ जगहों पर कुछ है ही नहीं। वहीं, कुछ केंद्रों में सिर्फ नाम लिखा है, लेकिन ताला लटका हुआ है। वाचनालय का उद्देश्य लोगों के पढ़ने के लिए निःशुल्क समाचार पत्र, पत्रिकाएं उपलब्ध कराना है।

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टॉयलेट पर वाचनालय का बोर्ड लगाकर दो लाख के फर्जी बिल लगाए

बीजेपी कार्यालय के सामने : सात नंबर स्थित बीजेपी कार्यालय के ठीक सामने पुराना सुलभ कॉम्प्लेक्स है, जिसमें स्व.प्यारेलाल खंडेलवाल वाचनालय का बोर्ड लगा हुआ है। बोर्ड धूल मिट्टी से ढंक चुका है। शटर में ताला लगा मिला। इसके दोनों तरफ कचरे के कंटेनर रखे गए हैं।

मिसरोद कांजी हाउस : वार्ड 52 स्थित मिसरोद में कांजी हाउस संचालित हो रहा है। इस कांजी हाउस में ही निगम के रिकॉर्ड में वाचनालय संचालित हो रहा है। खास बात ये है कि आसपास के लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है।

साकेत नगर वार्ड 54 कार्यालय : साकेत नगर वार्ड कार्यालय में वाचनालय अस्तित्व में नहीं है। मौजूद निगम कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने ताला लगे एक कक्ष में वाचनालय होना बताया। बंद होने का कारण पूछा तो कहा गया कि सुबह-शाम खुलता है। लेकिन यहां वाचनालय के बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं है।

चेतक ब्रिज वार्ड कार्यालय : चेतक ब्रिज कस्तूरबा नगर वार्ड 58 कार्यालय में वाचनालय मिला, लेकिन यहां भी ताला लगा हुआ था। निगम कर्मचारियों ने बताया कि सुबह-शाम खुलता है।

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व्यवस्था सुधारी जाएगी

शहर में कहां कहां वाचनालय हैं और उनकी क्या स्थिति है पता करने के लिए मैं खुद निरीक्षण करूंगा। रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और व्यवस्था को सुधारा जाएगा।

-आलोक शर्मा, महापौर, भोपाल

जिम्मेदार…जनसंपर्क शाखा खरीदता है अखबार

निगम के जनसंपर्क शाखा के तहत अखबारों, पत्र पत्रिकाओं की खरीदी होती है। शाखा द्वारा भुगतान किया जाता है। वर्तमान में इसके प्रभारी उपायुक्त हरीश गुप्ता हैं। इससे पहले प्रेमशंकर शुक्ला, वीरेंद्र तिवारी, एसपीएस गहरवार, यूनुस खान जनसंपर्क अधिकारी रह चुके हैं।

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ऐसे होती है गड़बड़ी

निगम सूत्रों के अनुसार वाचनालय के नाम पर अखबार खरीदे जाते हैं और इसे वाचनालय की जगह प्रभावशाली पार्षदों के घर पर भेज दिया जाता है। कुछ जगहों पर बिना अखबार गए ही एजेंसी संचालकों से मिलीभगत कर भुगतान कर देते हैं। जनसंपर्क शाखा द्वारा वाचनालय की मॉनिटरिंग भी नहीं की जाती। लोगों को जानकारी नहीं मिल सके इसलिए वाचनालय केंद्र पर बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।